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How Many Types Of Computer in Hindi |कंप्यूटर कितने प्रकार के होते है ?

नमस्कार दोस्तो आज मे आपको कंप्यूटर का पुर्ण परिचय देते हुए उन्हे कितने भागो मे वर्गीकृत किया गया है | इस लिए लोग वर्तमान युग को कंप्यूटर का युग कहने लगे है | कंप्यूटर के कुछ प्रकार है जिनका जिक्र आपको निचे दर्शाया गया है |

computer ke prakar

कंप्यूटर के प्रकार | Types Of Computer in Hindi

कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रो मे कई प्रकार के कार्यो के लिए किया जाता है| कुछ कंप्यूटर किसी विशेष कार्य के लिए ही प्रयोग मे लिए जाते है | इसलिए कंप्यूटर को डिजाइन, आकार व क्षमता तथा उद्देश्य के आधार पर दर्शाना उचित होगा | कंप्यूटर को मुख्यत: तीन प्रकारो मे बाटा गया है –

हार्ड्वेयर डिजाइन के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
• एनलॉग कंप्यूटर
• डिजीटल कंप्यूटर
• हाइब्रिड कंप्यूटर

मैमोरी, आकार व क्षमता के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
• माइक्रो कंप्यूटर
• पर्सलन कंप्यूटर
• लैप टॉप कंप्यूटर
• पाम टॉप कंप्यूटर
• मिनी कंप्यूटर
• मेंनफ़्रेम कंप्यूटर
• सुपर कंप्यूटर

उद्देश्य ( Purpose ) के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार
• सामान्य उद्देश्य कंप्यूटर
• विशिष्ट उद्देश्य कंप्यूटर

इन्हें भी पढ़ें –

कंप्यूटर के प्रकारों का वर्णन

गिंतार(अबेकस) – यह सबसे पहले एवं सबसे सस्ता यंत्र है | जिसका प्रयोग गणना मे सहायता करने मे किया जाता है | इसका इतिहास 5000 हजार वर्षो से भी पुराना है |
कंप्यूटर का उपयोग विभिन्न क्षेत्रो मे विभिन्न प्रकार के कार्यो के लिए किया जाता है, जिनके प्रकार निम्न्लिखित है –

हार्ड्वेयर डिजाइन के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

एनलॉग कंप्यूटर – एनलॉग कंप्यूटर अंको की गणना नही करते है | एनलॉग कंप्यूटर नापने की क्रिया पर निर्भर करते है | एनलॉग कंप्यूटर मे लगातार संकेत के रुप मे सुचनाए मिलती है जिसे यह परिवर्तित करके आंकड़ों के रुप मे प्रदर्शित करता है | एनलॉग कंप्यूटर के उदाहरण स्पीडोमीटर, वोल्ट्मीटर, सनडायल, थर्मोमिटर इत्यादि के द्वार मिलने वाले संकेतो को माप को प्रदर्शित किया जाता है |

डिजिटल कंप्यूटर – डिजिट का अर्थ होता है अंक | डिजिटल कंप्यूटर अंको की गणना करते है | ये Input के रुप मे संख्याओ एवं आंकड़े लेते है जहाँ उन पर इन सब की अंकगणितिय क्रियाए करवाई जाती है तथा Output के रुप मे आंकड़े प्रदान होते है | हमारा कहने का अर्थ यह है की प्रत्येक सुचनाओ को अंको मे बदला जा सकता है इस कारण इनकी परिशुध्ता भी अधिक होति है | डिजिटल कंप्यूटरो क उपयोग वैज्ञानिक तथा व्यापारिक सभी प्रकार के कार्यो के लिए किया जाता है | इनकी उपयोगिता अधिक होती है क्योकी एक ही कंप्यूटर पर सभी तरह के कार्य किए जा सकते है इसलिए आजकल सभी स्थानो पर केवल डिजिटल कंप्यूटर क हि उपयोग किया जाता है | डिजिटल कंप्यूटर डाटा और प्रोग्रामों को 0 तथा 1 मे परिवर्तित करके उन्हे इलेक्ट्रोनिक रुप मे ले आता है |
डिजिटल कंप्यूटर के उदाहरण
(क) अंतरिक्ष विज्ञान मे कंप्यूटर
(ख) इंजीनियरिंग मे कंप्यूटर
(ग) चिकित्सा मे कंप्यूटर
(घ) उपग्रह संचालन मे कंप्यूटर

हाइब्रिड कंप्यूटर – यह कंप्यूटर एनलॉग तथा डिजिटल कंप्यूटर दोनो के गुणो को मिलाकर हाइब्रिड कंप्यूटर का निर्मण किया जाता है | इस कंप्यूटर के माध्यम से करंट को नापने और आँकड़ों की गणना दोनो ही तरह के कार्यो के लिए हाइब्रिड कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है | इसका उपयोग अधिकतर वैज्ञानिको के माध्यम से किया जाता है़ जैसे सेटेलाइट मे हाइब्रिड कंप्यूटर कार्य करते है |
हाइब्रिड कंप्यूटर के उदाहरण ई.सी.जी. मशीन इत्यादी |

आकार एवं क्षमता के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

माइक्रो कंप्यूटर – यह कंप्यूटर आकार मे बहुत छोटे होते है तथा इनका मुल्य भी बहुत कम होता है | आजकल इन कंप्यूटरो का उपयोग बहुतायत मे प्रयोग मे लाए जाने लगे है | इस कंप्यूटर की वर्ड लेंथ 8 से 32 बिट तक होती है | इनका उपयोग एक बार मे केवल एक ही व्यक्ति कर सकता है | आज कल के सभी पर्सनल कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर की श्रेणी मे आते है |

मिनी कंप्यूटर – यह कंप्यूटर आकार मे माइक्रो कंप्यूटर से बढे होते है | मिनी कंप्यूटर कि वर्ड लेंथ लेंथ 32 बिट या इससे भी अधिक हो सकती है | मिनी कंप्यूटर की मेंन मैमोरी का आकार 64MB से लेकर 512MB तक या इससे भी अधिक हो सकता है | मिनी कंप्यूटर पर एक साथ कई व्यक्ति कार्य कर सकते है और एक साथ कई प्रोग्राम संचालित हो सकते है | इसका उपयोग एकाउंटिंग के कार्यो मे तथा वेज्ञानिक प्रयोगो मे किया जाता है |

मेनफ़्रेम कंप्यूटर – मेंनफ्रेम कंप्यूटर आकार मे मिनी कंप्यूटर की अपेक्षा बहुत विशाल होते है तथा इनकी संग्रहण क्षमता भी बहुत अधिक होती है | मेंनफ्रेम कंप्यूटर की मेंन मैमोरी का आकार 256MB से लेकर 2GB तक होता है | मेनफ्रेम कंप्यूटर पर एक साथ सेकडो व्यक्ति कार्य कर सकते है | मेंनफ्रेम कंप्यूटर के लिए एयरकण्डीशनिंग का होना आवश्यक है, जिससे इसका तापमान 200C से 250C के बिच मे बना रहे | इसके अंदर ऑनलाइन डाटा स्टोरेज करने की विशेष सुविधा उपलब्ध होती है | अधिकतर संस्थाए तथा कम्पनिया मेनफ्रेम कंप्यूटर का उपयोग निमंलिखित कार्यो के लिए करती है –

  • भुगतानो का हिसाब ( ब्यौरा ) रखने के लिए |
  • किसी भी व्यक्ति विशेष को नोटिस भेजने के लिए |
  • संस्था के कर्मचारियों के भुगतान करने के लिए |
  • बिलो का ब्यौरा रखने के लिए |

सुपर कंप्यूटर – सुपर कंप्यूटर कंप्यूटरो के सभी प्रकारो मे सबसे बडे तथा विराट एवं मेंनफ्रेम कंप्यूटरो की गती से सैकड़ों हजारो गुना तेज होते है | इनमे अनेक सी.पी.यू. समानांतर क्रम मे जुडे होते है, जिसमे यदि हेमे कोई गणना करनी हो तो उसे अलग – अलग करने के बजाए एक ही समानांतर क्रम मे कर सकते है | इनका उपयोग एसे कार्यो के लिए किया जाता है जिनेम लम्बी – लम्बी और जटिल गणनाए करना पडती हो | एक सुपर कंप्यूटर की गती 400 से 10000 MIPS के बिच होती है | सुपर कंप्यूटर का उपयोग निम्नलिखित कार्यो मे होता है –

  • सुपर कंप्यूटर मौसम की भविष्यवाणी करने मे मददगार होते है |
  • सुपर कंप्यूटर शोध प्रयोगशालओ मे शोध कार्यों को करेने के लिए मददगार होते है |
  • सुपर कंप्यूटर एनिमेशन विडियो य चलचित्र का निर्माण करने मे प्रयोग लिए जाते है |

इन सभी कार्यो मे कि जाने वाली गणनाए बहुत ही जटिल होती है जिन्हे केवल सुपर कंप्यूटर हि हल कर सकता है | सुपर कंप्यूटर सबसे महंगे होते है इनकी कोस्ट अरबों रुपयो तक होती है| भारतिय वैज्ञानिको ने एक ‘परम-1000’ सुपर कंप्यूटर बनाया जिसका नाम “ परम “ रखा गया |

लैपटॉप – वर्तमान मे आई टी सेक्टर ने इतनी उचाई हासील कर लि है कि उसने व्यक्ति की जरुरत के हिसाब से एसा कंप्यूटर विकसित किया जिसक प्रयोग व्यक्ति कहि पर भी अपने साथ बस मे कार मे ट्रेन मे इत्यदि जगह लेजाकर अपना कार्य संपन्न कर सकता है जिसे लैपटॉप कहते है | इसका आकार एक किताब के समान तथा इसका वजन 3kg से 5kg के बिच होता हे जिसे व्यक्ति अपने साथ लेकर भी घुम सकता है | इसमे बिजली की आवश्यकता भी एक बैट्रि के द्वारा दी जाती है जिसके करेन्ट से यह चलता है तथा इसकी बैट्रि डिस्चार्ज हो जाने पर इसे सामन्य घरेलू या कार्यालय की बिजली से भी चार्ज किया जा सकता है | इसे नोट्बुक कंप्यूटर भी कहा जाता है |


पाम टॉप कंप्यूटर – यह कंप्यूटर अभी तक हमने पढे उन सब से छोटे माइक्रो कंप्यूटर होते है जिन्हे हम अपने पॉकेट मे भी रख सकते है |

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उद्देश्य के आधार पर कंप्यूटर के प्रकार

सामान्य उद्देशिय कंप्यूटर – इन कंप्यूटरो मे सभी कार्य करने कि क्षमता होती है जैसे – पत्र को बनाना , दस्तावेज बनाना, गणना कार्य करना, डाटा बेस को तैयार करना, इंटरनेट का उपयोग करना इत्यादि कार्यो के लिए सामान्य उद्देशिय कंप्यूटरो का उपयोग किया जाता है | इन कंप्यूटरो का मुल्य कम तथा लागत क्षमता भी कम रहती है किंतू पर्याप्त होती है |


विशेष उद्देशिय कंप्यूटर – इन कंप्यूटरो का उपयोग किसी विशेष कार्यो के लिए किया जाता है, इनके सीपीयू को विशेष कार्य के अनुसार ही उनके आंतरिक तथा बाहय सरचना मे परिवर्तन किया जाता है | उदाहरण के लिए चिकित्सा कार्यो के उपयोग मे लिए जाने वाले कंप्यूटर विशेष उद्देशिय कंप्यूटर की श्रेणी मे आते है | इअके अलावा विशेष उद्देशिय कंप्यूटर निम्न्लिखित श्रेत्रो मे प्रयोग किए जाते है जो निम्न है –

  • फिल्म उद्दोग के लिए
  • मौसम विभाग कि जानकारी के लिए
  • समुद्र विज्ञान के लिए
  • कृषि के लिए
  • यातायात नियंत्रण के लिए
  • उपग्रह के लिए
  • भौतिक विज्ञान शोध के लिए

निष्कर्ष – दोस्तो आप हमारी इस पोस्ट के अंदर दिए गए कंप्यूटर के प्रकारो का अध्ययन कर जान सकते है की किस प्रकार से कंप्यूटरो को कार्यो के अनुसार अलग – अलग भागो मे विभाजित किया गया है | उम्मीद करते है यह पोस्ट आपको पसंद आई होगी | इस पोस्ट को कृपया अपने साथियों के साथ भी जरुर शेयर करे |

Written By – Mr. Prashant Tipan

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Admin- Hema Soni
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